ईमेल क्या है | Email address kya hota hai | What is Email in Hindi

यदि आप इंटरनेट का इस्तेमाल करना जानते है तो आपको ईमेल क्या है यह भी जानना चाहिए। अगर आप ईमेल के बारे में या ईमेल का इस्तेमाल कैसे करना है नहीं जानते हैं, तो चिंता की कोई बात नहीं है। इस पोस्ट के जरिये आप ईमेल क्या है और इसका इस्तेमाल कहाँ और कैसे करते है जान जायेंगे।

ईमेल क्या है :

ईमेल का full form इलेट्रॉनिक मेल है, यह एक सन्देश (message) भेजने का तरीका है। इसके इस्तेमाल से आप देश के किसी भी कोने में अपना सन्देश भेज सकते है। बस यही नहीं, आप एक ही समय में एक सन्देश को कई लोगो में भेज सकते हैं। यह बहुत ही ज्यादा इस्तेमाल होने वाला जरिया बन चुका है। और इसे इस्तेमाल करना आना जरुरी बन चुका है। ईमेल की तुलना आप कागज की चिट्ठी से कर सकते है। ईमेल भी सन्देश एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम करता है ।

ईमेल कहाँ इस्तेमाल होता है :

ईमेल आज कल हर जगह इस्तेमाल हो रहा है और यही बहुत बड़ी वजह है, की इसका मतलब और इस्तेमाल आना जरुरी बन चुका है। लोग ईमेल का इस्तेमाल सरकारी दफ्तरो में, प्राइवेट जॉब्स, स्कूल में, कॉलेजेस में , फैमिली में और भी बहुत सारी जगहों पर करते है।

ईमेल ID क्या है या Email address kya hota है :

Email kya hai? जैसे की अपने घर का एड्रेस होता है जिससे यह तय कर सकते हैं , कि हमे इस एड्रेस पर पत्र पहुँचाना है। वैसे ही ईमेल भी मैसेज पहुंचाने के लिए एड्रेस का इस्तेमाल करता है जिसे ईमेल address (EMAIL ID) कहा जाता है। आप नीचे दिए गए चित्र से ईमेल कैसा होता है पता कर सकते हैं।

Email kya hai

तो ऊपर दिए गए चित्र में आप देख सकते हैं की ईमेल Id के 2 हिस्से होते हैं पहला हिस्सा होता है USERNAME और दूसरा हिस्सा है DOMAIN नाम। इनके बारे में अधिक जानकारी आप आगे देख सकते हैं।

आईये जानते है कुछ बेसिक टर्म्स जो ईमेल Id बनाने और ईमेल भेजने में आपकी मदद करेंगे ।

  1. User name : ऊपर दिए गए चित्र में जो exampleuser है, वो आपका UserID होगा, इससे आप आपके अनुसार नाम डाल सकते हैं। यहाँ हमने exampleuser दिया है । यह आपकी पहचान बताता है। जब भी आप किसी को ईमेल करते हैं तो इसके जरिये उन्हें पता चलता है कि मैसेज किसने भेजा है।
  2. Domain name : ऊपर दिए गए चित्र में जो @ के बाद है वो है डोमेन नाम। यह देना बहुत जरुरी है। यह दर्शाता है कि आप ये मैसेज किस प्लेटफार्म पे कर रहे हैं। ईमेल को अलग अलग डोमेन के जरिये भेजा जाता है; जैसे gmail.com, yahoo.com, outlook इत्यादि।
  3. Sender : सेन्डर वह होता है जो मैसेज भेजता है। ऊपर के चित्र अनुसार, अगर दिए गए ईमेल ID से मैसेज या सन्देश भेजा जाये तो उसका सेन्डर “exampleuser” होगा।
  4. Receiver : रिसीवर वह होता है जिसे हम मैसेज भेजते है। रिसीवर का भी ईमेल ID होता है, जो सेन्डर के पास होना जरुरी है, तभी वह उसे मैसेज या सन्देश भेज सकता है.

ईमेल कैसे लिखा जाता है

ईमेल में कई पैरामीटर्स होते हैं जो ईमेल लिखने से पहले उनके बारे में जानकारी होना बहुत जरुरी है। आइये जानते हैं इन पैरामीटर्स के बारे में और इन्हे कहाँ  इस्तेमाल किया जा सकता है।

  1. to : इस फील्ड में आपको उसका ईमेल एड्रेस डालना पड़ता है जिसको आप सन्देश या मैसेज भेजना चाहते है (याने की receiver का )। इसमें आप एक से ज्यादा ईमेल एड्रेस भी डाल सकते हैं। अगर आपको ये मैसेज एक से ज्यादा लोगो तक पहुँचाना है। 
  2. from : इस फील्ड में आपका ईमेल एड्रेस आता है, मतलब सेन्डर का, जो मैसेज भेज रहा है। यहाँ एड्रेस, ईमेल खुद से ले लेता है और आपको अपना ईमेल एड्रेस डालने की जरुरत नहीं होती है।
  3. subject : इस फील्ड का मतलब है यहाँ सन्देश किस विषय में है। इस फील्ड से रिसीवर को बिना ईमेल खोले यह पता चलता है कि यह ईमेल किस सम्भन्ध में है।
  4. cc : इस फील्ड का फुल फॉर्म है कार्बन कॉपी। यह फील्ड अनिवार्य नहीं होती है, आप इसका इस्तेमाल नहीं भी करे तो ईमेल भेज सकते है। इस फील्ड में आप दूसरे लोगो को भी ईमेल कर सकते हैं, जिनके पास इस ईमेल की कॉपी रहेगी।
  5. bcc : इस फील्ड का फुल फॉर्म है ब्लाइंड कार्बन कॉपी। यह फील्ड भी अनिवार्य नहीं है। अगर आपको किसी ऐसे व्यक्ति को ईमेल भेजना है जिसे आप चाहते है कि कोई न देख पाए कि यह ईमेल इसको भी जा रहा है, उस समय पे आप उस व्यक्ति का ईमेल एड्रेस bcc में डाल सकते हैं।
  6. message : यहाँ आप अपना सन्देश लिखते हैं जो कि आप भेजना चाहते हैं।

आगे देखते है की ईमेल कैसे लिखते हैं :

निचे दिए गए चित्र में आप देख सकते हैं, बहुत सी फ़ील्ड्स का इस्तेमाल किया गया है। जो हमने ऊपर के टॉपिक में कवर की है। अब हम मैसेज का फॉर्मेट देखते हैं। यहाँ फॉर्मेट जरुरी नहीं है, पर यह तरीका हर जगह प्रयोग किया जाता है। तो देखते हैं, ये मैसेज कैसे लिखा गया है। पहले हमने “Hi/hello नाम” देना है। यहाँ नाम उस वयक्ति का होगा जिसे आप मैसेज भेज रहे हैं। उसके बाद एंटर करके आपको आपका मैसेज लिखना है। यहाँ हमने ये मैसेज किस विषय में है वो लिखा है। मैसेज समाप्त होने पे आपको thankyou याने धन्यवाद् लिखके अपना नाम लिखना है।

Email kya hai

ईमेल के फायदे :

ईमेल के कई फायदे हैं इसीलिए आज कल हर जगह इस्तेमाल में आ रहा है। इसने हमे हर देश के और दुनिया के हर हिस्से से जोड़ के रखा है। आइये देखते हैं कुछ ऐसे ही और फायदे :

  1. COMMUNICATION : ईमेल एक जरिया बन चुका है जिससे हम मैसेज दुनिया के हर कोने में भेज सकते हैं। इससे जानकारी या मैसेज एक जगह से दूसरी जगह पहुंचना आसान हो गया है।
  2. SPEED : ईमेल के जरिये  सन्देश या मैसेज को कुछ ही क्षणों में एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा सकता है, चाहे मैसेज कितना भी बड़ा क्यों न हो।
  3. ATTACHMENTS : ईमेल के जरिये हम सिर्फ मैसेज ही नहीं बल्कि फाइल्स भी भेज सकते हैं जैसे डॉक्यूमेंट, pdf, फोटोज इत्यादि।
  4. FREE : ईमेल का इस्तेमाल करने के लिए हमे कुछ पैसे या पेमेंट नहीं करनी पड़ती यह फ्री है। कोई लिमिट भी नहीं है हर दिन की। आप कितने भी बड़े और ज्यादा मैसेज भेज सकते हैं हर दिन।
  5. SPACE : आप अपना डाटा ईमेल पे भेज के वही रख सकते हैं, इससे आपके फ़ोन का स्पेस भी फ्री रहेगा और आपको जब चाहिए तब ये फोटोज डॉक्यूमेंट इत्यादि फिरसे ईमेल से डाउनलोड करके इस्तेमाल कर सकते हैं।

ईमेल के नुकसान :

ईमेल के कई फायदे हैं पर कुछ नुक्सान भी हैं, जिन्हे हम नुक्सान नहीं बल्कि बाधा कह सकते हैं :

  1. INTERNET : ईमेल का इस्तेमाल करने के लिए आपके फ़ोन या सिस्टम पे इंटरनेट कनेक्शन होना बहुत जरुरी है। ईमेल एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने के लिए इंटरनेट का प्रयोग करता है।
  2. KNOWLEDGE : ईमेल क्या होता है कैसे लिखा जाता है और इसके पैरामीटर्स की जानकारी होना बहुत जरुरी है। इसके बिना इसे इस्तेमाल करने में समय व्यर्थ हो सकता है या कुछ रूकावट आ सकती है।
  3. SPAM MAILS : कई सारे ईमेल ऐसे भी होते हैं जो कि हमे जरुरी नहीं होते, जैसे की SPAM इमेल्स. ये इमेल्स कभी कभी हैकिंग या गलत गतिविधियों के लिए प्रयोग किये जाते हैं। जिसके शिकार आप भी बन सकते हो। इसीलिए स्पैम इमेल्स को सावधानी पूर्वक जांच करके ही देखना चाहिए। कभी कभी हमारे ज़रूरी ईमेल भी स्पैम फोल्डर में चले जाते हैं।
  4. FILE SIZE : ईमेल में हम ज्यादा बड़ी साइज की फाइल्स नहीं भेज सकते। इसमें फाइल साइज की लिमिट होती है ।
  5. FILE फॉर्मेट : ईमेल के जरिये हम हर प्रकार की फाइल नहीं भेज सकते जैसे की .exe, .ade, .pif, .sys इत्यादि।

Summary :

आपने यहाँ से सीखा ईमेल क्या होता है, ईमेल ID क्या होती है, ईमेल ID कैसे बनती है, ईमेल के क्या पैरामीटर्स होते हैं, ईमेल कैसे लिखा जाता है और ईमेल के फायदे और नुकसान। मुझे उम्मीद है कि आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी और आपके काम आयी होगी। मेरी हमेशा से यही कोशिश रही है कि रीडर्स को ज्यादा से ज्यादा जानकारी उपलब्ध कराये। अगर आपको इस पोस्ट में कुछ अच्छा लगा हो या पोस्ट को लेकर कोई प्रश्न हो तो नीचे comment सेक्शन में कमेंट करे। इससे हमे पोस्ट को और बेहतर बनाने में मदद होग। अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगी हो तो आप इस पोस्ट की लिंक को अपने दोस्तों और परिवार वालो के साथ या सोशल मीडिया जैसे facebook, twitter, whatsapp पे share कर सकते हैं।

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